[Intro] भुरा की ढाणी करोला! श्रवण चौहान! [Verse 1] अपनी माटी, अपना मान, गांव की खातिर मेरा अरमान। हर गली का हाल जानता, हर परिवार को अपना मानता। [Chorus] भुरा की ढाणी करोला की आवाज़ बने, श्रवण चौहान हर दिल की आस बने। मैं गांव का बेटा, गांव के काम आऊंगा, वार्ड पंच बनकर हर सुख-दुख में साथ निभाऊंगा। [Verse 2] बुजुर्गों का सम्मान रखूं, युवाओं के सपनों को थाम रखूं। पानी, राह और साफ-सफाई, मिलकर करें गांव की भलाई। [Chorus] भुरा की ढाणी करोला की आवाज़ बने, श्रवण चौहान हर दिल की आस बने। मैं गांव का बेटा, गांव के काम आऊंगा, वार्ड पंच बनकर हर सुख-दुख में साथ निभाऊंगा। [Bridge] खुशी में संग, परेशानी में पास, हर घर तक पहुंचे भरोसे की आस। बात नहीं, सेवा से पहचान, गांव हमारा, हम सबकी शान। [Final Chorus] भुरा की ढाणी करोला की आवाज़ बने, श्रवण चौहान हर दिल की आस बने। मैं गांव का बेटा, गांव के काम आऊंगा, वार्ड पंच बनकर हर सुख-दुख में साथ निभाऊंगा। [Outro] भुरा की ढाणी करोला! सबका साथ, गांव का मान!
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